Friday, May 13, 2022

जा तू खुश रह

अच्छा चलो कोई बात नही
जा तू खुश रह,
मैं भी कहीं खुश रह लूंगा।
औ बँट ही रही है हमारी ज़िन्दगी तो,
तू चाँद रख, तारे मैं ले लेता हूँ,
शाम तेरी, दिन की धूप मैं ले लेता हूँ।
बगिया के फूल सारे तू रख,
मैं कांटे ले लेता हूँ।

    

रावण

लगता है कलयुग की भी पराकाष्ठा आई है
पहले का रावण धर्मी था, 
और दूर कहीं एक लंका थी
अब छोटी छोटी धर्मी लंकाओं में,
कितने ही रावण बैठे है।

मन में कालिख भरे हुए
कुछ सड़को, गलियों में घूम रहे,
और संतो का वेश धरे,
कुछ, महलों में आसीन हुए।

अब तो संशय है
क्या रावण को मार सका था कोई,
क्योंकि प्रभु तेरे उस युद्ध बाद भी
कितनी सीतायें रोईं।

गर धर्म युद्ध था वो,
तो वो खत्म नही हो पाया है।
रावण तो अभी भी जिंदा है,
फिर हमने किसे जलाया है?

और क्यों हम जश्न मनाते है, 
झूंठा अभिमान बचाते है,
अपनी कायरता छिपाने को
एक पुतला हर वर्ष जलाते हैं।

हक

अपनी ज़िन्दगी अपने ही बस में नही,
न जीने की इजाज़त,
और मरने का हक नही।

खुशबू

कितनी भी कोशिश कर लूँ,
कि तुझे आंखों में बसा लूँ..
दिल मे छिपा लूँ..
साँसों में मिला लूँ..
सीने में दबा लूँ,
पर तू एक खुशबू सी है
महकती है,
और उड़ जाती है।

मृत्यु शैया

मृत्यु शैया पर पड़ा हो,
तू जब विदा लेने को हो,
मन में रहेगा क्या तेरे
ये आज ही तू सोच ले।

गर रंज है दिल मे
कि बस एक और मौका चाहिए।
मैं करू वो सब
जो मेरे दिल को करना चाहिए।

तो यही मौका है वो
जिस वक्त को, तू जी रहा।
जी इसे ऐसे 
कि कोई भी गिला फिर ना रहे।
और मौत से फिर मिल
कि यूँ, उससे मिला कोई ना रहे।

दुविधा

दुविधा की घटा
घनघोर छा रही है,
ये अंत है या शुरुआत !
ज़िन्दगी किस ओर जा रही है ?

दर्द

दर्द तुझपे ही नहीं,
मुझपर भी सितम ढाता है ।
टीस उतनी ही है,
जब ' प्यार ' याद आता है।
नीद मुझको भी नहीं, 
हर वक्त खयाल तेरा है।
ये ना सोच कि ' बेपरवाह ' तुझे भूल गया,
मेरी हर सांस में तेरा ही नाम आता है।

जिंदा

हर एक दिन किस तरह जी रहा हूं मैं !
ज़िंदा भी हूं, या बस जिये जा रहा हूं मैं।

Definition of Time

"Time is the 'speed' of change in position of, even the smallest particle of matter, in space"

जिंदगी

"ज़िन्दगी उतनी लंबी नहीं होती जितने साल हम जिंदा रहते है बल्कि उतने समय की होती है जिस समय को हम सच मे जीते हैं।
तो खुद से सवाल करिए कि क्या आज के दिन को आपने जिया, या इसे भी सिर्फ जिंदा रहने कि जद्दोजहद में बिता दिया।"

दर्द या दवा

तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!