Friday, May 13, 2022

दर्द

दर्द तुझपे ही नहीं,
मुझपर भी सितम ढाता है ।
टीस उतनी ही है,
जब ' प्यार ' याद आता है।
नीद मुझको भी नहीं, 
हर वक्त खयाल तेरा है।
ये ना सोच कि ' बेपरवाह ' तुझे भूल गया,
मेरी हर सांस में तेरा ही नाम आता है।

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तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!