"ज़िन्दगी उतनी लंबी नहीं होती जितने साल हम जिंदा रहते है बल्कि उतने समय की होती है जिस समय को हम सच मे जीते हैं।
तो खुद से सवाल करिए कि क्या आज के दिन को आपने जिया, या इसे भी सिर्फ जिंदा रहने कि जद्दोजहद में बिता दिया।"
तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!
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