Friday, May 13, 2022

हक

अपनी ज़िन्दगी अपने ही बस में नही,
न जीने की इजाज़त,
और मरने का हक नही।

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दर्द या दवा

तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!