अब सब कुछ सतह पर आ गया है,
मेरे प्यार की गहराई को
मेरे दिल का सूनापन खा गया है,
कभी जो हम...
तेरी छुअन,
तेरे एहसास,
तेरी आँखों की गहराई में डूबे रहते थे बेवफा,
अब हमें भी तैरना आ गया है.
तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!
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