Friday, May 13, 2022

रात

तबियत नासाज़ है,
या और गिला है कोई?
ये हाल आखिर क्या बना रखा है,
न है कोई सुबह तेरी
न हो रही शाम है,
हर एक पहर को 
बस रात बना रखा है !

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दर्द या दवा

तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!