Subscribe to:
Post Comments (Atom)
दर्द या दवा
तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!
-
तू दर्द है, या दवा है ? मेरी तक़लीफ़ों की ख़ातिमियत है, या वज़ह है !!
-
वो कुछ नहीं कहते पर तुम्हे शब्दों से भर देते हैं और वो भी कम पड़ते हैं तुम्हारे लिए जिनसे की तुम बता सको की वो क्या क्या कहते हैं बिना कुछ...
-
गर ज़ी रहे हो ज़िन्दादिली से.. तो पल में ज़िन्दगी जी सकते हो.. वर्ना, पसमर्दगी में तो अहसास ही नही होता कि साल कब गुज़र गए।
No comments:
Post a Comment