मृत्यु शैया पर पड़ा हो,
तू जब विदा लेने को हो,
मन में रहेगा क्या तेरे
ये आज ही तू सोच ले।
गर रंज है दिल मे
कि बस एक और मौका चाहिए।
मैं करू वो सब
जो मेरे दिल को करना चाहिए।
तो यही मौका है वो
जिस वक्त को, तू जी रहा।
जी इसे ऐसे
कि कोई भी गिला फिर ना रहे।
और मौत से फिर मिल
कि यूँ, उससे मिला कोई ना रहे।
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