लिखने के लिए एकांत चाहिए, क्युकी एकांत जितना गहराता जाता है कल्पनाशीलता का फैलाव उतना ही बढ़ता जाता है, और हमेशा आप अपने बारे में ही नहीं लिख सकते, वह बोरिंग हो सकता है। अलग लिखने के लिए आप को कोई और होना पड़ेगा पर यदि आप पर लोगो की नजरें हैं तो वो आप को कोई और होने नही देंगी। आप कोई और होने की कोशिश करोगे पर वो आपको यथार्थ में खींच लाएंगी।
जितना हम अपनें वर्तमान को जीते हैं उससे ज्यादा हम अपनी यादों को जीते हैं। तो रुकिए और पूछिए अपने आप से क्या जो वर्तमान आप जी रहे हैं वो आपकी यादों में जगह बनाने लायक है या नही? सोचिए वो नजदीकी याद जो आपको खुशी देती है, कितने साल पुरानी है... ये कड़वा सच है, की ये वो वक्त है, जो आपने जिया ही नहीं।